
शासकीय खाते से 26.87 लाख के अनाधिकृत लेन-देन का मामला, बैंक लिपिक गिरफ्तार,,
नीलकमल सिंह ठाकुर
मुंगेली – सिटी कोतवाली पुलिस ने पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय बैंक खाते से 26.87 लाख रुपये के कथित अनाधिकृत लेन-देन के मामले में एक बैंक लिपिक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले में पुलिस की विवेचना जारी है।

पुलिस के अनुसार, कलेक्टर मुंगेली के आदेश के आधार पर सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा मुंगेली में संचालित पर्यावरण अधोसंरचना विकास मद के शासकीय खाते से हुए अनाधिकृत लेन-देन की जांच कर प्राथमिकी दर्ज करने के निर्देश दिए गए थे। जांच के बाद थाना सिटी कोतवाली में अपराध क्रमांक 253/2026 के तहत धारा 318(4) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया।
सात बार हुआ लेन-देन
विवेचना के दौरान पुलिस ने बैंकिंग रिकॉर्ड और संबंधित दस्तावेजों की जांच की। इसमें 30 सितंबर 2025 से 8 अक्टूबर 2025 के बीच शासकीय खाते से कुल सात बार अनाधिकृत लेन-देन किए जाने की बात सामने आई। इन लेन-देन में कुल 26 लाख 87 हजार रुपये की राशि का आहरण एवं पुनः जमा किए जाने की जानकारी पुलिस को मिली।
जांच के दौरान पुलिस ने टिकेश कुमार पिता स्व. रैन सिंह, उम्र 30 वर्ष, निवासी ग्राम खैरवाही, थाना चारामा, जिला कांकेर, हाल पता हांडीपारा, तात्यापारा चौक, रायपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

बैंक में लिपिक के पद पर था आरोपी
पुलिस के मुताबिक आरोपी टिकेश कुमार 29 अगस्त 2022 से 27 जनवरी 2026 तक सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में लिपिक के पद पर पदस्थ था। उसके जिम्मे ग्राहक केवाईसी, मोबाइल नंबर लिंकिंग, खाता संचालन, एनईएफटी/आरटीजीएस सहित राशि अंतरण से संबंधित बैंकिंग कार्य थे।
जांच में सामने आया कि 30 सितंबर 2025 को उक्त शासकीय खाते से आरोपी के व्यक्तिगत बैंक खाते में 8.50 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए। इसके बाद 1 अक्टूबर 2025 को मंजुलता पटेल के बैंक खाते में 9.19 लाख रुपये और 9.18 लाख रुपये, इस प्रकार कुल 26.87 लाख रुपये का लेन-देन किया गया। पुलिस के अनुसार इसमें से 1.61 लाख रुपये अतिरिक्त राशि होने के कारण वापस शासकीय खाते में जमा हो गए थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपी के कथन में इन लेन-देन को बैंक मैनेजर के अप्रूवल के बाद सीबीएस प्रणाली के माध्यम से किए जाने की बात सामने आई है। बैंकिंग रिकॉर्ड, सीबीएस प्रणाली में उपलब्ध विवरण और अन्य दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आरोपी की भूमिका प्रथम दृष्टया पाए जाने पर मामले में धारा 316(5) बीएनएस भी जोड़ी गई।



23 सितंबर को गिरफ्तारी, 24 को न्यायिक रिमांड
पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद पुलिस ने टिकेश कुमार को 23 सितंबर 2026 को गिरफ्तार किया। इसके बाद 24 सितंबर 2026 को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार मामले की आगे की विवेचना जारी है और अन्य संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल के निर्देश पर, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत शुक्ला एवं एसडीओपी आशीष अरोरा के मार्गदर्शन में की गई। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक कार्तिकेश्वर जांगड़े, सउनि ईश्वर सिंह राजपूत तथा आरक्षक विकास ठाकुर, योगेश यादव और मनोज टंडन की महत्वपूर्ण भूमिका रही।

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