सफलता की कहानी- प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना: मछलीपालन से आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर ककेड़ी के राजकुमार, सालाना कमा रहे 05 लाख रूपए,,

नीलकमल सिंह ठाकुर CG समाचार न्यूज़
मुंगेली- मुंगेली जिले के विकासखण्ड पथरिया के छोटे से गाँव ककेड़ी के राजकुमार पटेल ने अपनी मेहनत और सरकार की योजनाओं के सहयोग से आर्थिक सशक्तिकरण की नई मिसाल कायम की है। प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के अंतर्गत मछलीपालन को अपनाकर वे न केवल आत्मनिर्भर बने हैं, बल्कि सालाना 05 लाख रुपये की आय भी अर्जित कर रहे हैं। राजकुमार पटेल का परिवार वर्षों से पारंपरिक कृषि पर निर्भर था, लेकिन सीमित आय के कारण आर्थिक समस्याएं बनी रहती थीं। परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने की दिशा में सोचते हुए उन्होंने वैकल्पिक व्यवसाय की तलाश शुरू की। इसी दौरान उन्हें प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना के बारे में जानकारी मिली। उन्होंने मत्स्य विभाग से संपर्क किया और योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदन किया।
राजकुमार को योजना के तहत 2.24 लाख रुपये की अनुदान राशि प्राप्त हुई, जिससे उन्होंने 0.800 हेक्टेयर भूमि पर तालाब का निर्माण कराया। इसके बाद उन्होंने 25 लाख स्पॉन, 03 लाख फिंगरलिंग मत्स्य बीज और 4,000 कतला, रोहू, मृगल एवं पंगेशियस प्रजाति की मछलियों का पालन शुरू किया। उनकी मेहनत रंग लाई, और आज वे प्रतिवर्ष लगभग 05 लाख रुपये की शुद्ध आय प्राप्त कर रहे हैं।

राजकुमार पटेल का मानना है कि प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना उनके जीवन में बदलाव लाने का महत्वपूर्ण साधन बनी। उन्होंने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस योजना से उन्हें आर्थिक स्थिरता प्राप्त हुई है। आज वे अन्य किसानों और बेरोजगार युवाओं को भी मछलीपालन के प्रति जागरूक कर रहे हैं और उन्हें आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित कर रहे हैं।