
नवलपुर दोहरे हत्याकांड का खुलासा: जमीन विवाद में सगा भाई बना भाई और भाभी का हत्यारा, लोहे की कुदरी बरामद,,
नीलकमल सिंह ठाकुर
मुंगेली/लोरमी- ग्राम नवलपुर में पति-पत्नी की संदिग्ध मौत के मामले का लोरमी पुलिस और साइबर सेल की विशेष टीम ने खुलासा कर दिया है। पुलिस के मुताबिक, पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर लंबे समय से चल रहे विवाद और रंजिश के चलते मृतक नंदकुमार कश्यप की उसके सगे भाई नंदु कश्यप ने हत्या की। वारदात के दौरान मृतक की पत्नी गौरीबाई ने आरोपी को पहचान लिया, जिसके बाद आरोपी ने उसकी भी हत्या कर दी।

पुलिस ने मामले में आरोपी नंदु कश्यप, पिता स्व. श्यामजी, उम्र 46 वर्ष, निवासी नवलपुर को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त लोहे की कुदरी भी बरामद कर जब्त की गई है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
घर में अलग-अलग बिस्तरों पर मिले थे पति-पत्नी के शव
पुलिस के अनुसार, मृतक के बेटे मोहन कश्यप ने 25 अगस्त 2026 को थाना लोरमी में सूचना दी थी कि उसके माता-पिता नंदकुमार कश्यप और गौरीबाई कश्यप ग्राम नवलपुर स्थित अपने मकान में रहते थे। 18 अगस्त की रात करीब 8:30 बजे उसकी मां से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद मोबाइल रिचार्ज खत्म होने के कारण संपर्क नहीं हो पाया।

लगातार फोन करने के बावजूद जब माता-पिता से संपर्क नहीं हुआ तो 23 अगस्त को मोहन ने अपने चाचा नंदु कश्यप को घर जाकर देखने के लिए कहा। नंदु ने घर में ताला लगे होने की जानकारी दी।
इसके बाद 24 अगस्त को मोहन और उसका भाई बिलासपुर से नवलपुर पहुंचे। घर के बाहर ताला लगा था और अंदर से दुर्गंध आ रही थी। ताला तोड़कर अंदर जाने पर नंदकुमार और गौरीबाई अलग-अलग बिस्तरों पर मृत अवस्था में मिले। मामला संदिग्ध पाए जाने पर पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू की।

पोस्टमार्टम में हत्या की पुष्टि
घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर थाना लोरमी पुलिस और साइबर सेल की विशेष टीम गठित की गई। फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल से महत्वपूर्ण भौतिक एवं वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए।
दोनों शवों का पोस्टमार्टम बिलासपुर सिम्स में कराया गया। प्राप्त शॉर्ट पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दोनों की मौत हत्या से होना सामने आया। इसके बाद थाना लोरमी में अपराध क्रमांक 365/2026 के तहत धारा 103(1) बीएनएस में हत्या का अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर था विवाद
जांच के दौरान पुलिस ने मृतक के पारिवारिक और सामाजिक संबंधों की जानकारी जुटाई और आसपास के लोगों तथा संदिग्धों से पूछताछ की। इसी दौरान पुलिस को नंदकुमार और उसके भाई नंदु के बीच लंबे समय से चले आ रहे पैतृक जमीन के विवाद की जानकारी मिली।
पुलिस के मुताबिक, दोनों भाइयों के बीच करीब 8 एकड़ पैतृक जमीन के बंटवारे को लेकर विवाद था। जमीन के बंटवारे और माता-पिता की देखरेख से जुड़े हिस्से को लेकर दोनों भाइयों के बीच मनमुटाव बढ़ता गया।

हत्या से पहले भी हुआ था दोनों भाइयों में विवाद
जांच में यह भी सामने आया कि 16 अगस्त को खेत में खाद डालने के बाद दोनों भाइयों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद 17 अगस्त की रात करीब 8:15 बजे नंदु अपने भाई नंदकुमार के घर पहुंचा था। दोनों के बीच विवाद हुआ, लेकिन नंदकुमार के साले केदार कश्यप के वहां पहुंचने के बाद नंदु वापस अपने घर चला गया।
पुलिस के अनुसार, इसी विवाद के बाद आरोपी के मन में अपने भाई के प्रति रंजिश और अधिक बढ़ गई।
रात में घर में घुसा और कुदरी से किया हमला
पुलिस जांच के मुताबिक, 19 अगस्त की दरम्यानी रात नंदु कश्यप लोहे की कुदरी लेकर अपने भाई नंदकुमार के घर पहुंचा। वह पड़ोसी की बाड़ी की ओर से मकान की बाउंड्री पार कर छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ।
सीढ़ियों से नीचे आने पर उसने देखा कि नंदकुमार और उसकी पत्नी गौरीबाई बरामदे में अलग-अलग स्थानों पर सो रहे थे। आरोपी ने पहले नंदकुमार के सिर पर लोहे की कुदरी से वार किया।
आवाज सुनकर गौरीबाई जाग गईं और उन्होंने आरोपी को पहचान लिया। इसके बाद आरोपी ने गौरीबाई पर भी कुदरी से हमला कर दिया, जिससे दोनों की मौत हो गई।

पुलिस को गुमराह करने के लिए घर में की छेड़छाड़
पुलिस के अनुसार, वारदात के बाद आरोपी ने घटना को सामान्य चोरी की घटना जैसा दिखाने और पुलिस को गुमराह करने के उद्देश्य से घर के कमरे और अलमारी को खोल दिया। इसके बाद उसने घर के आंगन में रखे पानी से अपने हाथ-पैर और वारदात में इस्तेमाल कुदरी को धोया।
आरोपी ने मकान को बाहर से ताला लगाया और घटना में इस्तेमाल कुदरी को ट्यूबवेल में छिपा दिया।

आरोपी गिरफ्तार, कुदरी बरामद
पुलिस की पूछताछ में आरोपी नंदु कश्यप ने जमीन विवाद को लेकर अपने भाई और भाभी की हत्या करना स्वीकार किया। उसकी निशानदेही पर ट्यूबवेल में छिपाकर रखी गई लोहे की कुदरी बरामद की गई।
पुलिस ने आरोपी को 1 सितंबर 2026 को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है।
उक्त कार्यवाही में निरीक्षक अखिलेश कुमार वैष्णव (थाना प्रभारी लोरमी), उपनिरी. सत्येन्द्रपुरी गोस्वामी (प्रभारी, साइबर सेल), प्र.आर. नरेश यादव, दयाल गवास्कर, यशवंत डाहिरे, नोखे लाल कुर्रे, रवि जांगड़े आर. भेषज पाण्डेकर, हेमसिंह ठाकुर, अतुल ठाकुर, राहुल कांत कश्यप, गिरीराज सिंह, राम कश्यप, राजू साहू, दिलेश्वर साहू, सै. कुलदीप सिंह की अहम भूमिका रही।

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