
मुंगेली के रेम्बो स्कूल में प्रबंधन विवाद गहराया,लाखों की वित्तीय अनियमितता के आरोप,,
नीलकमल सिंह ठाकुर
मुंगेली- जिला मुख्यालय स्थित प्रतिष्ठित रेम्बो मेमोरियल हायर सेकेंडरी इंग्लिश मीडियम स्कूल इन दिनों गंभीर प्रबंधन विवाद और वित्तीय अनियमितताओं के आरोपों को लेकर सुर्खियों में है। स्कूल संचालन को लेकर दो संस्थानों के बीच कानूनी और प्रशासनिक संघर्ष खुलकर सामने आ गया है।


जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ डायोसिस और छत्तीसगढ़ डायोसिस बोर्ड ऑफ एजुकेशन (सीजीबीडीई) नामक दो संस्थान स्कूल प्रबंधन पर अपना-अपना दावा कर रहे हैं। इनमें से सीजीबीडीई को पंजीकृत संस्था बताया गया है, जिसका रजिस्ट्रेशन क्रमांक 2937 है, जबकि दूसरे संस्थान को अपंजीकृत बताया जा रहा है। वर्तमान में स्कूल संचालन सीजीबीडीई से जुड़े पदाधिकारियों द्वारा किए जाने का दावा किया गया है।

रेम्बो स्कूल प्रबंधन द्वारा आयोजित प्रेसवार्ता में स्कूल की वर्तमान प्रिंसिपल संगीता लाल ने दस्तावेज प्रस्तुत करते हुए आरोप लगाया कि अपंजीकृत संस्था द्वारा जबरन स्कूल प्रबंधन पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि संबंधित संस्था द्वारा स्कूल स्टाफ के निलंबन और बर्खास्तगी जैसे आदेश जारी किए गए, जबकि उन्हें ऐसा करने का कोई वैधानिक अधिकार प्राप्त नहीं है। साथ ही उनके पक्ष में किसी न्यायालय का आदेश भी नहीं होने का दावा किया गया।

प्रबंधन ने आरोप लगाया कि पूर्व में जब स्कूल प्रबंधन समिति भंग की गई थी, तब लाखों रुपये की बैंक जमा राशि निकाल ली गई थी। साथ ही कैश बुक, लेजर, बिल वाउचर सहित कई महत्वपूर्ण वित्तीय दस्तावेज भी अपने साथ ले जाए गए, जो अब तक वापस नहीं किए गए हैं। वर्तमान प्रबंधन ने करीब 40 लाख रुपये की वित्तीय अनियमितता का आरोप लगाया है।
प्रिंसिपल संगीता लाल ने बताया कि स्कूल के बैंक खातों को कथित रूप से भ्रमित जानकारी देकर सीज करवा दिया गया है, जिसके कारण पिछले 8 से 9 महीनों से कर्मचारियों का वेतन प्रभावित है। इसके अलावा बिजली बिल, वाहनों के पेट्रोल-डीजल, पीएफ और पेंशन जैसे आवश्यक भुगतान भी लंबित हैं।

प्रबंधन का दावा है कि यह विवाद केवल मुंगेली तक सीमित नहीं है, बल्कि प्रदेश के लगभग 17 स्कूलों में इसी तरह की स्थिति उत्पन्न की गई है। मामले में संबंधित पूर्व पदाधिकारियों को अंतिम नोटिस जारी करने और पुलिस में एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू किए जाने की जानकारी भी दी गई।
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान विभिन्न न्यायालयों में लंबित मामलों और अलग-अलग जिलों में दर्ज आपराधिक प्रकरणों से जुड़े दस्तावेज भी मीडिया को उपलब्ध कराए गए।
हालांकि मामला वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है और अभी तक कोई अंतिम फैसला नहीं आया है। ऐसे में प्रस्तुत दस्तावेजों और लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है।
स्कूल प्रबंधन ने मुख्यमंत्री, शिक्षा मंत्री, शिक्षा सचिव और संबंधित जिलों के कलेक्टरों को ज्ञापन सौंपकर विशेष जांच टीम गठित करने की मांग की है। वहीं पूरे मामले में शिक्षक, कर्मचारियों और छात्र-छात्राओं के हितों को देखते हुए निष्पक्ष जांच की आवश्यकता बताई जा रही है।

