
उप मुख्यमंत्री के गढ़ में 7 दिन बाद भी लापता वरिष्ठ लेखा अधिकारी दामोदर सिंह राजपूत का नहीं मिला सुराग, पुलिस की कार्यशैली पर उठे गंभीर सवाल,,
नीलकमल सिंह ठाकुर
मुंगेली/लालपुर- उप मुख्यमंत्री अरुण साव के गृह क्षेत्र में कानून-व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। वरिष्ठ लेखा अधिकारी दामोदर सिंह राजपूत पिछले 7 दिनों से लापता हैं, लेकिन अब तक उनका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। इस घटना ने न केवल परिजनों बल्कि पूरे क्षेत्र में चिंता और आक्रोश का माहौल पैदा कर दिया है। जानकारी के अनुसार, दामोदर सिंह राजपूत बीते सप्ताह अपने घर से किसी कार्य के लिए निकले थे, लेकिन उसके बाद से उनका कोई पता नहीं चल सका। जब देर रात तक वे वापस नहीं लौटे, तो परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। आसपास के इलाकों, रिश्तेदारों और परिचितों से संपर्क किया गया, लेकिन कहीं से भी कोई जानकारी नहीं मिली।

तत्काल शिकायत, फिर भी ठोस प्रगति नहीं
परिजनों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए उसी दिन थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने प्रारंभिक औपचारिकताएं पूरी करते हुए जांच शुरू करने का दावा तो किया, लेकिन 7 दिन बीत जाने के बाद भी कोई ठोस सुराग सामने नहीं आ पाया है। परिवार का आरोप है कि पुलिस की ओर से सिर्फ कागजी कार्रवाई की जा रही है, जबकि जमीनी स्तर पर खोजबीन में अपेक्षित सक्रियता नहीं दिखाई दे रही। लापता अधिकारी के परिजनों का कहना है कि यदि शुरुआत में ही गंभीरता दिखाई जाती, तो शायद अब तक कोई न कोई जानकारी मिल सकती थी। उन्होंने पुलिस प्रशासन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। परिजनों का यह भी कहना है कि उन्हें बार-बार आश्वासन तो दिया जा रहा है, लेकिन परिणाम शून्य है। इस घटना को लेकर क्षेत्रीय लोगों और सामाजिक संगठनों में भी भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब एक जिम्मेदार शासकीय अधिकारी ही सुरक्षित नहीं है, तो आम जनता की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी। समाज के प्रतिनिधियों ने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की बात कही है। आक्रोशित परिजनों और समाज के लोगों ने पुलिस प्रशासन को चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई और दामोदर सिंह राजपूत का पता नहीं चला, तो वे सड़क पर उतरकर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
संभावना जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में यह मामला और अधिक तूल पकड़ सकता है। पूरे घटनाक्रम ने पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लगातार बढ़ते समय के साथ लोगों में असुरक्षा की भावना भी बढ़ रही है। अब देखने वाली बात यह होगी कि पुलिस प्रशासन इस मामले में कितनी तेजी और गंभीरता दिखाते हुए लापता अधिकारी का पता लगाने में सफल होता है।

The News Related To The News Engaged In The Cg Samachar News Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.

