
मुंगेली में जल जीवन मिशन पर सवाल: करोड़ों की टंकियां बनीं ‘सफेद हाथी’, गांवों में पानी का संकट बरकरार,,,
नीलकमल सिंह ठाकुर
मुंगेली – छत्तीसगढ़ केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन योजना का उद्देश्य हर घर तक नल के माध्यम से स्वच्छ पेयजल पहुंचाना है, लेकिन मुंगेली जिले में इस योजना की जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर पेश कर रही है। जिले के मुंगेली, लोरमी और पथरिया विकासखंडों में करोड़ों रुपये की लागत से बनी पानी टंकियां आज भी उपयोग से बाहर खड़ी हैं, जबकि ग्रामीण बूंद-बूंद पानी के लिए जूझ रहे हैं।

टंकियां तैयार, लेकिन पानी नहीं
ग्रामीणों के अनुसार, कई ग्राम पंचायतों में एक से तीन साल पहले ही टंकियों का निर्माण और पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा हो चुका है। इसके बावजूद आज तक अधिकांश घरों के नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं निकली है। योजना कागजों में सफल दिखाई जा रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर स्थिति पूरी तरह विपरीत है।


घटिया निर्माण और लीकेज की शिकायतें
स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया है कि टंकियों को एक बार चालू किया गया था, लेकिन उसी दौरान कई जगहों पर भारी रिसाव और पाइपलाइन लीकेज सामने आया।
पाइप की गुणवत्ता को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इसके बाद टंकियों को बंद कर दिया गया और अब तक दोबारा संचालन शुरू नहीं हो सका।


गर्मी में गहराया जल संकट
गर्मी की शुरुआत के साथ ही गांवों में जल संकट बढ़ गया है। हैंडपंपों का जल स्तर नीचे जा रहा है और ग्रामीणों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। ऐसे में गांवों के बीच खड़ी पानी टंकियां राहत के बजाय लापरवाही और भ्रष्टाचार की प्रतीक बन गई हैं।


सरपंचों पर बढ़ा आर्थिक बोझ
कई पंचायत प्रतिनिधियों का कहना है कि पूर्व में दबाव या कमीशन के चलते अधूरे और खराब कार्यों का हैंडओवर ले लिया गया। अब पाइपलाइन की मरम्मत और रखरखाव में पंचायत का पैसा खर्च हो रहा है, फिर भी पानी की आपूर्ति शुरू नहीं हो पा रही है। इससे सरपंचों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है।


विपक्ष का सरकार पर हमला
इस मुद्दे पर विपक्ष ने सरकार को घेरते हुए कहा कि यह स्थिति बेहद चिंताजनक है, खासकर तब जब जिले के सभी विधानसभा क्षेत्रों से उपमुख्यमंत्री और जल जीवन मिशन मंत्री अरुण साव विधायक हैं। विपक्ष का आरोप है कि पीएचई विभाग और ठेकेदारों की मिलीभगत से योजना में भारी अनियमितताएं हुई हैं और कागजों में सफलता दिखाकर वास्तविक स्थिति छिपाई जा रही है।

विभाग का दावा बनाम हकीकत
पीएचई विभाग के अधिकारियों का दावा है कि मुंगेली ब्लॉक की 103 और लोरमी ब्लॉक की 87 पंचायतों में पानी सप्लाई शुरू कर दी गई है। अधिकारियों के अनुसार, टंकियों के चालू होने के बाद सरपंच-सचिव के साथ फोटो लेकर योजनाओं का हैंडओवर किया गया। हालांकि, ग्रामीणों का कहना है कि यह सिर्फ कागजी कार्रवाई है और वास्तविकता में पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है।



प्रशासन ने दिए निर्देश
मुंगेली कलेक्टर कुंदन कुमार ने बढ़ती गर्मी को देखते हुए पेयजल व्यवस्था को प्राथमिकता बताते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जहां भी समस्या है, वहां तत्काल वैकल्पिक व्यवस्था की जाए और स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जाए।

आंदोलन की चेतावनी
ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही टंकियों को चालू कर घर-घर पानी की आपूर्ति शुरू नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे।
निष्कर्ष
जब तक गांवों के नलों से पानी नहीं बहता, तब तक मुंगेली जिले की ये टंकियां विकास की कहानी नहीं बल्कि सरकारी लापरवाही और संभावित भ्रष्टाचार की मूक गवाही बनकर खड़ी

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