
एक ही व्यक्ति द्वारा सेन्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया और जिला हॉस्पिटल में दो स्थानों पर कार्य करने का मामला, जिला चिकित्सालय मुंगेली में जांच के आदेश,,
नीलकमल सिंह ठाकुर
मुंगेली – जिला चिकित्सालय मुंगेली (छत्तीसगढ़) में एक ही व्यक्ति द्वारा दो अलग-अलग स्थानों पर कार्य करने के मामले को लेकर प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई है। सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक, जिला चिकित्सालय मुंगेली द्वारा इस संबंध में जांच के आदेश जारी किए गए हैं।

जारी आदेश के अनुसार यह मामला विकास कुमार महिलांग, ओ.टी. अटेंडर (जीविस) से संबंधित है, जिनके बारे में शिकायत प्राप्त हुई थी कि वे जिला चिकित्सालय मुंगेली में ओ.टी. अटेंडर के पद पर कार्यरत रहते हुए सेन्ट्रल बैंक ऑफ इंडिया की मुंगेली शाखा में भी कार्य कर रहे हैं। एक ही व्यक्ति द्वारा एक साथ दो स्थानों पर कार्य करना सेवा नियमों का उल्लंघन माना जा रहा है।

विकास महिलाग ने सुरेश महिलाग को अपने दस्तावेज के आधार पर अपने भाई सुरेश महिलाग को सेन्ट्रल बैंक ऑफ़ इंडिया में नौकरी लगवाया था बैंक जैसे संस्थान में जहाँ सारी चीजे गुप्त रखी जाती है वहाँ किसी अन्य व्यक्ति को बैंक में कार्य कराया जा रहा है।

बैंक मैनेजर की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही
वही इस मामले में बैंक मैनेजर की भूमिका संदिग्ध मानी जा रही है क्यों की बैंक मैनेजर ने ही इस सुरेश महिलाग को नौकरी में रखा था और सुरेश महिलाग से बैंक के सभी कार्य कराया जा रहा था.
इस मामले पर बैंक मैनेजर, विकास महिलाग और सुरेश महिलाग पर धारा 420 का मामला दर्ज कर विकास महिलाग से जो पैसा पेमेंट किया गया है उसकी रिकवरी होनी चाहिए ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह की फर्जीवाड़ा न कर सके।

वही इस मामले को गंभीरता से लेते हुए सिविल सर्जन सह मुख्य अस्पताल अधीक्षक द्वारा तीन सदस्यीय जांच समिति गठित की गई है। समिति में
डॉ. के.एस. कंवर (पैथोलॉजी विशेषज्ञ),
डॉ. शिवनाथ सिंह सिदार (नेत्र विशेषज्ञ) तथा
डॉ. संदीप कुमार पाटिल (आर.एम.ओ.)
को शामिल किया गया है।
जांच समिति को निर्देश दिए गए हैं कि वे पूरे मामले का सूक्ष्म अवलोकन करते हुए 02 दिवस के भीतर जांच प्रतिवेदन प्रस्तुत करें। जांच के लिए उपस्थिति पंजिका की छायाप्रति, ड्यूटी रोस्टर तथा बैंक स्टेटमेंट जैसे दस्तावेजों को संलग्न किया गया है, ताकि तथ्यों की गहराई से पड़ताल की जा सके।

इसके साथ ही इस प्रकरण की जानकारी अध्यक्ष, जीवन दीप समिति, कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी मुंगेली, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी मुंगेली को भी सूचनार्थ भेजी गई है। संबंधित कर्मचारी विकास कुमार महिलांग को भी जांच में सहयोग करने एवं आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं।


प्रशासन का कहना है कि जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक एवं विभागीय कार्रवाई की जाएगी। इस प्रकरण को लेकर स्वास्थ्य विभाग में पारदर्शिता और अनुशासन को लेकर सख्त संदेश माना जा रहा है।

