
नवजात की मृत्यु वैक्सीन से नहीं, चिकित्सकीय कारणों से संभावित, लेकिन परिजनों ने हॉस्पिटल प्रबंधन पर लगाए लापरवाही का आरोप,,
नीलकमल सिंह ठाकुर
मुंगेली-जिला अस्पताल में नवजात बच्चे की मृत्यु के संबंध में जिला अस्पताल प्रशासन द्वारा स्पष्टीकरण दिया गया है। गौरतलब है कि जिला अस्पताल मुंगेली में तीन दिवस पूर्व बेमेतरा निवासी श्रीमती मधु गिरी पति दुर्गेश गिरी ने सामान्य प्रसव से एक नवजात पुत्र को जन्म दिया था। रविवार को लगभग 10:30 बजे नवजात को राष्ट्रीय टीकाकरण कार्यक्रम के अंतर्गत बीसीजी वैक्सीन एवं ओपीवी की खुराक दी गई थी। इसके बाद बच्चे को माता-पिता अपने वार्ड में ले गए। अस्पताल प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, दोपहर लगभग 3:30 बजे बच्चे के माता-पिता ने बताया कि बच्चा रो नहीं रहा है और प्रतिक्रिया नहीं दे रहा है। तत्काल चिकित्सकों ने बच्चे को नवजात गहन चिकित्सा इकाई (SNCU) में भर्ती कर ऑक्सीजन एवं जीवन रक्षक उपचार प्रारंभ किया, किंतु चिकित्सकीय प्रयासों के बावजूद नवजात को बचाया नहीं जा सका।

वही इस घटना के बाद परिजनों ने वैक्सीनेशन पर संदेह व्यक्त किया। परिजनों का आरोप है की बच्चे कोई टीका लगाने के बाद ही बच्चे की मौत हुई है उससे पहले बच्चा स्वस्थ था किसी तरह की कोई परेशानी बच्चे में नही दिख रहा है बच्चा स्वस्थ दिख रहा था पर ज़ब टीका लगाया गया तभी बच्चे का स्वास्थ्य खराब हुआ और बच्चे की मौत हो गयी। नवजात मृतक बच्चे परिजनों ने कहा की जो टीका लगाया गया हो उससे बच्चे को टीका से रिएक्शन हो गया जिससे स्वस्थ बच्चे की मौत हो गया है।

वही इस संबंध में जिला अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि उसी वैक्सीन वायल से अन्य 7 नवजात शिशुओं को भी टीका लगाया गया था, जो सभी पूर्णतः स्वस्थ हैं। यदि वैक्सीन में कोई दोष या दुष्प्रभाव होता, तो अन्य बच्चों पर भी उसका प्रभाव दिखता।

विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम एवं जिला टीकाकरण अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच के अनुसार, नवजात की मृत्यु का कारण जन्मजात हृदय रोग अथवा दूध के श्वसन नली में चले जाने (एस्पिरेशन) जैसी चिकित्सकीय स्थिति हो सकती है।

अस्पताल प्रशासन ने बताया कि नवजात के माता-पिता को पोस्टमार्टम कर मृत्यु के वास्तविक कारण का पता लगाने के लिए कहा गया था, किंतु वे इसके लिए सहमत नहीं हुए और शिशु का शव लेकर घर चले गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर के निर्देश पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की जांच समिति गठित कर दी है, जो नवजात की मृत्यु की परिस्थितियों और कारणों की विस्तृत जांच करेगी। जिला अस्पताल प्रशासन ने स्पष्ट किया कि सरकारी टीकाकरण कार्यक्रम में उपयोग होने वाले सभी टीके विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) द्वारा प्रमाणित, पूरी तरह सुरक्षित और देशभर में उपयोग किए जाने वाले हैं।
कलेक्टर ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी भ्रामक अफवाह पर ध्यान न दें और बच्चों का नियमित टीकाकरण निश्चिंत होकर कराएं, क्योंकि टीके बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षा के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।

The News Related To The News Engaged In The Cg Samachar News Web Portal Is Related To The News Correspondents The Editor Does Not Necessarily Agree With These Reports The Correspondent Himself Will Be Responsible For The News.

