
विकास या दबाव की राजनीति? देवगांव में सरपंच और सीईओ के बीच बढ़ा विवाद,,
नीलकमल सिंह ठाकुर
मुंगेली – जिले के जनपद पंचायत अंतर्गत देवगांव में इन दिनों विकास कार्यों से ज्यादा विवाद और आरोप-प्रत्यारोप चर्चा का विषय बने हुए हैं। गांव के वर्तमान सरपंच योगेश पटेल और जनपद सीईओ विक्रम सिंह ठाकुर के बीच तनातनी लगातार बढ़ती जा रही है।

मामला पूर्व सरपंच के कार्यकाल में कराए गए निर्माण कार्यों के भुगतान से जुड़ा है। सरपंच योगेश पटेल ने इन कार्यों में अनियमितताओं का हवाला देते हुए भुगतान करने से साफ इनकार कर दिया है। उनका कहना है कि जिन कार्यों के लिए भुगतान का दबाव बनाया जा रहा है, वे न तो पूरी तरह से जमीन पर मौजूद हैं और न ही उनके दस्तावेज पूर्ण हैं। ऐसे में पंचायत निधि का उपयोग करना उचित नहीं होगा।

सरपंच ने जनपद सीईओ की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने पूर्व सरपंच के साथ मिलीभगत और आर्थिक लेन-देन जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को लेकर उन्होंने जनदर्शन से लेकर कलेक्टर कार्यालय तक शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच की मांग की है।
हालांकि, सरपंच का आरोप है कि कार्रवाई करने के बजाय प्रशासन ने उनके खिलाफ ही जांच शुरू कर दी है। खास बात यह है कि जिन कार्यों के भुगतान को लेकर विवाद चल रहा है, उन्हीं को जांच का हिस्सा बनाया गया है। सरपंच इसे जल्दबाजी में लिया गया फैसला बताते हुए इसे व्यक्तिगत द्वेष और दबाव की राजनीति का उदाहरण बता रहे हैं।

इधर, इस पूरे मामले पर कलेक्टर कुंदन कुमार सिंह का कहना है कि शिकायत प्राप्त हुई है और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

अब देखना यह होगा कि देवगांव में विकास कार्यों में पारदर्शिता सुनिश्चित होती है या फिर यह मामला भी प्रशासनिक और राजनीतिक खींचतान की भेंट चढ़ जाता है।

