मुंगेली । भारत के पूर्व राष्ट्रपति, महान वैज्ञानिक एवं “मिसाइल मैन” के नाम से प्रसिद्ध डॉ. ए. पी. जे. अब्दुल कलाम की जयंती पर आज बी.आर.एस.एम. कृषि अभियांत्रिकी एवं प्रौद्योगिकी महाविद्यालय एवं अनुसंधान केन्द्र, मुंगेली में श्रद्धासुमन अर्पित कर उन्हें नमन किया गया। इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ. जितेन्द्र सिन्हा ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए डॉ. कलाम के जीवन मूल्यों और उनके प्रेरक विचारों को स्मरण कराया। उन्होंने कलाम जी के प्रसिद्ध वाक्य को उद्धृत करते हुए कहा — “सपना वो नहीं होता जो हम सोते वक्त देखते हैं, असली सपना वो होता है जो हमें सोने ही न दे।” डॉ. सिन्हा ने विद्यार्थियों से आग्रह किया कि वे इस विचार को अपने जीवन में आत्मसात करें और अपने सपनों को साकार करने के लिए दृढ़ संकल्पित होकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि डॉ. कलाम का जीवन प्रत्येक छात्र के लिए प्रेरणास्रोत है, जिन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद समर्पण, परिश्रम और ज्ञान से भारत को अंतरिक्ष व रक्षा क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुँचाया। कार्यक्रम में यह भी उल्लेख किया गया कि महाविद्यालय के वे विद्यार्थी जो वर्तमान में विभिन्न संस्थानों में प्रशिक्षण हेतु गए हुए हैं, उन्हें ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से कार्यक्रम से जोड़ा गया, ताकि वे भी इस प्रेरणादायक आयोजन का हिस्सा बन सकें। इस अवसर पर महाविद्यालय के प्राध्यापकगण, कर्मचारी एवं विद्यार्थीगण उपस्थित रहे और सभी ने डॉ. कलाम के आदर्शों को आत्मसात करने का संकल्प लिया।

